एक तरफ तो शासन दावा करती है कि रायपुर स्मार्ट सिटी है दूसरी और राजधानी में पाइप लाइन अंडरग्राउंड तार बिछाने के लिए खोदी गई सड़कें जिससे यातायात में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है अंडरग्राउंड तार बिछाने का काम इतनी धीमी गति से चल रहा है कि जैसे सालों में काम को खत्म करना है तार को बिछाने के लिए सड़क को खोदा गया है जिससे सड़क बंद होने की वजह से रोज जाम लगा रहता है किसी को स्कूल किसी को अपने ऑफिस किसी को रोजी-रोटी दिल्ली में जाना है उसके लिए सभी को समय से विपरीत पहुंचना पड़ता है लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने में तकरीबन 6 करोड़ खर्च होने हैं लेकिन काम अभी तक आधे से भी कम हुआ है दावा किया जाता है कि खुदाई और तार अंडरग्राउंड वायर के दरमियान किसी को कोई नुकसान या किसी भी धंधे को बाजार को नुकसान नहीं पहुंचेगा सड़क पूरी तरीके से बंद नहीं की जाएगी सड़क के कुछ कुछ हिस्से में काम होगा परिस्थिति ऐसी नहीं है सड़क खुदाई का काम रात में किया जाना चाहिए इससे दिन में जो ट्रैफिक जाम की स्थिति कम प्रभावित होगी लेकिन यह सच में होते नजर नहीं आ रहा है और जहां पर तार अंडर ग्राउंड हो गए हैं वहां पर गड्ढा भरने में लापरवाही की जा रही है सड़क पर छोटी गिट्टी के पहले और तार पहले रहने की वजह से कई गाड़ियों को स्लिप होकर गिरने का डर बना हुआ है दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है यह स्मार्ट सिटी का स्मार्ट है राजधानी कहां से स्मार्ट हुई?
