रायपुर पंडरी तराई
में 5634 वर्ग फुट जमीन को लेकर दो पक्ष में विवाद की स्थिति निर्मित हो गई है वही दोनों पक्ष के द्वारा दावा पेश कर जमीन में स्वयं का मालिक होने का दावा किया जा रहा है विवादित जमीन को लेकर पुलिस और थाने के बीच कहीं न्याय घूम रहा है जो अब तक सामने नहीं आ पाया है इस मामले में पंडरी थाने और न्यायालय में दस्तक दे दी गई है किंतु विवाद बना हुआ है अब पक्षकार मीडिया से न्याय की अपील कर रहे हैं ऐसे में सवाल या उठ रहा है की क्या विवादित मुद्दे को न्यायालय और पुलिस का हल नहीं निकल पा रही है उसमें मीडिया किस तरह न्याय दिला पाएगा पिछले एक दो वर्षों से मनमुटाव की स्थिति बनी हुई है इस मामले में पुलिस और न्यायालय दोनों तटस्थ बने हुए हैं
उल्लेखनीय है कि पंडरी तराई की 5634 वर्ग फुट जमीन का मालिक होने की बात कह कर मोहम्मद अली ने अमित साहू क्रय विक्रय किया 6000 वर्ग फुट की दर से मोहम्मद अली को क्रय विक्रय के बाद 5 करोड रुपए की राशि दी गई तत्पश्चा खरीददार अमित साहू मौके पर पहुंचे और कब्जा लेने की कोशिश की इसके बाद गुरदीप सिंह चावला ने जमीन पर मालिकाना होने का दावा पेश कर विरोध किया और अमित साहू को कब्जा लेने नहीं दिया गया ना ही किसी तरह का निर्माण करने की व्यवस्था दे रहे हैं ऐसे में इस जमीन पर विवाद की स्थिति बनी हुई है जमीन के मलिक क्रमांक मोहम्मद अली समस्त दस्तावेज होने का दावा करते हैं वही गुरदीप सिंह चावला भी समस्त दस्तावेज होने का दावा कर रहे हैं दोनों ही पक्षों ने अनुविभागीय दंडाधिकारी के समक्ष न्याय की अपील के लिए आवेदन पेश किया है फिलहाल मामला विवादित है और पक्षकारों को न्याय नहीं मिल पाया है वही मोहम्मद अली का कहना है कि न्यायालय उनके पक्ष में निर्णय दे दिया है उनके पास दस्तावेज हैं जबकि गुरदीप सिंह चावला का कहना है कि न्यायालय ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है उनके पास भी जमीन के समस्त दस्तावेज उपलब्ध हैं अब देखना यह है मोहम्मद अली की जमीन है या गुरदीप सिंह चावला की जमीन है इनके बाद अमित साहू ने खरीदी के पहले जमीन को लेकर किस तरह की जानकारी हासिल की थी और वह

