

रायपुर राजधानी रायपुर के एक सेंट जोसेफ स्कूल में एक छात्रा से
दुष्कर्म की घटना सामने आई है इस घटना की शिकायत पीड़ित छात्रा के परिवार के द्वारा राजेंद्र नगर थाने में की गई है जिसमें छानबीन चल रही है लेकिन आरोपीछात्र की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है इस पर मीडिया ने सवाल उठाए हैं और स्कूल प्रबंधन की लापरवाही बताया है मीडिया का कहना है कि स्कूल प्रबंधन घटना को छिपाने की कोशिश कर रहा है जबकि सेंट जोसेफ स्कूल के प्रबंधक ने स्पष्ट कहा कि यह घटना किसी सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती है ऐसी कोई घटना स्कूल परिसर में नहीं हुई है क्योंकि स्कूल परिसर में सभी कक्षाओं और स्थान में कैमरे लगे हुए हैं घटना होती तो कमरे में कोई हिस्सा कैद होता किंतु ऐसा नहीं है फिर भी पुलिस की द्वारा की गई जांच और संदेह पर पूर्ण सहयोग प्रबंधन करेगा
बता दें कि पिछले दिनों राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के एक सेंट जोसेफ स्कूल में 3 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है इसमें आरोपी छात्र बच्ची को धमका कर रखा हुआ था पीड़ित परिवार डर रहा था 2 महीने तक बच्ची ने घटना की बात किसी से नहीं कही और बात को छुपाने का प्रयास चला रहा ऐसा प्रतीत होता है कि बच्ची को किसी तरह की शारीरिक परेशानी के बाद मामला उजागर हुआ और थाने में शिकायत हो पाई जिसमें राजेंद्र नगर थाना प्रभारी के नेतृत्व में छानबीन चल रही है सेंट जोसेफ स्कूल के प्रबंध फादर जार्ज का कहना है कि स्कूल में एंटी सोशल एलिमेंट्स ऐसा आरोप लगा रहे हैं जो की बी बुनियाद है क्लासरूम में घटना होती या छत पर घटना होती तो सीसीटीवी में किसी प्रकार के संकेत मिलते जो कि नहीं है टेरेस में केवल सफाई कर्मचारी जा सकते हैं और कोई अन्य तत्व नहीं जा सकता ऐसे में इस घटना का हो पाना संभव नहीं है वहीं पीड़ित परिवार अब तक स्कूल प्रबंधन से सीधे शिकायत नहीं किया है इस बात पर भी मीडिया को संदेह है पीड़ित परिवार को किसी प्रकार का प्रलोभन देकर बात दबाने के लिए कहा जा रहा है अन्यथा जो घटना स्कूल थाना क्षेत्र के पास में जाकर शिकायत में बदल जाती है वह घटना स्कूल प्रबंधन को पता ना लगे यह संभव नहीं है प्रिंसिपल और स्पोर्ट्स टीचर मिलकर किसी साजिश को अंजाम दे रहे हैं क्योंकि इस समय प्रदेश में सबसे बड़ा मुद्दा धर्मांतरण का है ऐसे में हो सकता है कि स्कूल प्रबंधन स्कूल की बदनामी को रोकने के लिए इस साजिश बता रहा है लेकिन यह निंदनीय घटना है जिसकी आलोचना की जानी चाहिए क्योंकि 3 साल की बच्ची के साथ घटना होती है थाने में शिकायत दर्ज होती है और स्कूल प्रबंधन घटना स्वीकार करता है यह तीनों बातें कहीं ना कहीं अजीबोगरीब है जिस पर मीडिया सवाल उठा रहा है अभी देखना है कि पुलिस की जांच में किस तरह की बातें सामने आती है हालांकि मीडिया या मानता है की घटना में कहीं ना कहीं स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है और परिवार को डराया धमकाया जा रहा है
रायपुर नया रायपुर के धरना स्थल पर पिछले एक पखवाड़े से शिक्षा विभाग में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सहायक शिक्षकों ने राज्य शासन से इच्छा मृत्यु की मांग की है अन्यथा शासन में सिविलियन करने की बात कही है
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सहायक शिक्षक के परिवार और और स्वयं सहायक शिक्षक शिक्षा विभाग में शामिल होने की मांग को लेकर निरंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं इन शिक्षकों ने बस्तर जैसे सुदूर ग्रामीण अंचलों में सेवाएं दी हैं लेकिन बी एल एड और डीएलएड की अनिवार्य योग्यता को लेकर अनिश्चित की स्थिति निर्मित हुई है और सभी सहायक शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है ऐसे में सड़क पर उतरकर शिक्षकों ने लड़ाई आरंभ कर दी है
