छत्तीसगढ़ में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी एक बड़ी समस्या है। राज्य में लगभग 80% विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है, जिसके कारण कई जिलों में एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। इससे रायपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों पर मरीजों का बोझ बढ़ रहा है।
इस समस्या का समाधान करने के लिए, छत्तीसगढ़ सरकार ने 33 जिलों में 1773 डॉक्टरों की भर्ती को मंजूरी दी है, जिसमें 354 नियमित और संविदा डॉक्टर शामिल हैं । इसके अलावा, आयुष चिकित्सकों की सेवाओं का उपयोग करके भी राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा सकता है ।
हाल ही में, राज्य सरकार ने लंबे समय से अनुपस्थित 27 चिकित्सा अधिकारियों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवा समाप्त कर दी है । यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने के लिए उठाया गया है।
छत्तीसगढ़ में सरकारी अस्पतालों की स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। राज्य के 33 जिलों में नियमित विशेषज्ञ चिकित्सकों के 80% पद खाली हैं, जिससे मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। कई जिलों में तो एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है, जैसे कि मोहला मानपुर सुकमा में।
इस कमी के कारण, रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के अस्पतालों में राज्य भर के मरीज आते हैं, जिससे इन अस्पतालों पर बोझ बढ़ता जा रहा है। राज्य में स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति भी बहुत ही खराब है, जहां जिला चिकित्सालय, सिविल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और मच अस्पतालों की संख्या बहुत ही कम है।
इस समस्या का समाधान करने के लिए, सरकार को विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती करनी चाहिए और स्वास्थ्य संस्थानों को मजबूत करना चाहिए। इसके अलावा, सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए भी काम करना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में दूर दराज के इलाकों के अस्पताल होने के बाद भी मरीज को डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज नहीं मिल पा रहा है यही कारण है रायपुर दुर्ग बिलासपुर के सरकारी अस्पतालों में राज्य भर के मरीज आते हैं और इन शहरों में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है सरकारी क्षेत्र में इलाज की व्यवस्था उपयुक्त ना होने के वजह से गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ रहा है जहां उन्हें बड़ी कीमत अदा करने पर इलाज मिल पा रहा है राज्य के कुछ जिले ऐसे हैं जहां मरीजों को विशेषज्ञ डॉक्टर की कोई सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती इनमें मोहला मानपुर सबसे अधिक वंचित है यहां विशेषज्ञ डॉक्टर 16 पद स्वीकृत है लेकिन नियमित रूप से कोई डॉक्टर नहीं है तथा अर्थ संविदा पर भी काम करने के यहां कोई डॉक्टर नहीं आता बस्तर के सुकमा जिले के विशेषज्ञ डॉक्टर के 32 पद मंजूर है लेकिन यहां भी नियमित तथा और संविदा पर भी कोई डॉक्टर काम नहीं करता कर पा रहा है
