बालोद जिले में भालू की संदिग्ध मौत के मामले में डीएफओ ने बड़ी कार्रवाई की है। सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी भूषण लाल ढीमर, वनरक्षक विशेष विशाखा नाग और मूल्य के वनरक्षक नरेंद्र पटेल को सस्पेंड कर दिया गया है । इसके अलावा, रेंजर रामनाथ टीकम को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है।
भालू की मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम के दफनाने की जांच की गई, जिसमें गंभीर लापरवाही पाई गई। भालू के चारों पंजे कटे मिले थे, जो मानव पंजों को दफनाने के बाद काटे गए प्रतीत होते हैं। भालू के पंजे को फोरेंसिक जांच के लिए जबलपुर भेजा गया है ।
सहायक परिक्षेत्र अधिकारी और दो वनरक्षकों की लापरवाही के कारण उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई वन विभाग द्वारा की गई है, जिसमें यह पाया गया कि तीनों ने अपने कर्तव्यों का पालन नहीं किया था । इसके अलावा, रेंजर को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्होंने भी अपने कर्तव्यों का पालन किया था या नहीं। यह कार्रवाई वन विभाग की लापरवाही को रोकने और वन्यजीवों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए की गई है ।
