1. छत्तीसगढ़: देश का पहला राज्य:
• रजिस्ट्री के बाद तत्काल भूमि रिकॉर्ड अपडेट करने वाला देश का पहला राज्य।
• रजिस्ट्री के बाद भूमि रिकॉर्ड की हस्ताक्षरित प्रति तत्काल प्रदान करने वाला भी पहला राज्य।
2. स्वचालित नामांतरण प्रणाली लागू:
रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होते ही राजस्व अभिलेखों (भुइयां सॉफ्टवेयर) में स्वतः नए क्रेता का नाम अपडेट हो जाएगा।
3. रजिस्ट्री और राजस्व सॉफ्टवेयर का इंटीग्रेशन:
पृथक मॉड्यूल बनाकर रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर और भुइयां सॉफ्टवेयर को आपस में जोड़ा गया है।
4. भू-राजस्व संहिता में संशोधन:
नामांतरण को रजिस्ट्री से जोड़ने हेतु आवश्यक कानूनी संशोधन किए गए हैं।
5. भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी में कमी:
संपत्ति की डुप्लीकेट बिक्री और भूमि संबंधी धोखाधड़ी पर रोक लगेगी।
न्यायालयों में भूमि विवाद व मुकदमेबाजी में उल्लेखनीय कमी आएगी।
6. नामांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा:
नागरिकों को पटवारी और तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।
प्रक्रिया त्वरित, पारदर्शी और सरल बनेगी।
7. लंबित नामांतरण प्रकरणों का समाधान:
वर्तमान में लंबित हजारों नामांतरण प्रकरणों का तेजी से निपटारा संभव होगा।
8. रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा:
त्वरित नामांतरण से रियल एस्टेट क्षेत्र में विश्वास बढ़ेगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
