रायपुर.
विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट शाखा रायपुर द्वारा अवधपुरी मैदान, गुढ़ियारी में पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापू जी महाराज श्री के श्रीमुख से श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस संध्या 4 बजे महाराजश्री के आगमन के साथ श्रीमद् भागवत जी की आरती गई.
महाराज श्री ने उपस्थित श्रोताओं के विशाल समूह एवम् चैनल के माध्यम से देश-दुनिया के कथा देखने, सुनने वालों का स्वागत किये. उन्होंने ने कहा कि हमें कथा एवं अपने धर्म का प्रचार करना चाहिये. इसी से धर्म और संस्कारों का प्रचार होता है. मैं पत्रकार बन्धुओं को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं कि वे समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया द्वारा इस कथा का बहुत ही अच्छा प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि हमें अपनी संगति अच्छी रखनी चाहिये. इन्द्रियों, आहार पर भी नियंत्रण आवश्यक है. प्रपंची लोगों से दूर रहना चाहिए. भगवान का दर्शन चरण, कटिमेखला, वक्ष स्थल फिर मुख की ओर देखकर करना चाहिये.
महाराजश्री ने सृष्टि की रचना पर भी भक्त श्रोताओं को विस्तार से समझाया. किस तरह जगत में श्री विष्णु नारायण जी, ब्रह्मा जी प्रगट हुए और ब्रह्मा जी तप कर विधाता बने. श्री विष्णु नारायण जी जगत के भीतर और बाहर सभी ओर हैं. भ्रम का प्रकट होना और सत्य का छुपा होना. यह कैसे होता है उन्हें बहुत ही सरल तरीके से बताया. महाराज श्री ने राजा परिक्षित को श्री शुकदेव जी द्वारा श्रीमद् भगवद् के तृतीय अध्याय में दिये गए ज्ञान को विस्तार से बताये.
हमारा सनातन धर्म दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धर्म है. हमें भोले-भाले लोगों को प्रलोभन देकर, बल पूर्वक दबाव डालकर धर्म परिवर्तन करवाने की आवश्यकता नहीं पड़ती. हम प्रेम में विश्वास करते हैं. यही प्रेम हमारे धर्म, संस्कृति की पहचान है.
प्रारब्ध को समझाते हुए महाराजश्री ने कहा कि यदि कोई पापी, पाप कर भी सुखी दिख रहा है तो वह उसके द्वारा किये कुछ पुण्य कार्य के कारण है, जैसे ही पुण्य किये कार्य का समय पूर्ण होगा वैसे ही पाप का फल भुगतान होगा.
महाराजश्री ने कंस की क्रूरता एवम् भगवान श्री कृष्ण के कारागार में जन्म की बहुत ही सुंदर कथा सुनाये. जिसका प्रत्यक्ष मंचन भी किया गया. श्री कृष्ण जन्मोत्सव मंचन में हजारों श्रद्धालुगण संगीतमयी भजनों में झूमने लगे.
कथा स्थल में आज मुख्य रुप माननीय मुख्यमंत्री महोदय जी की धर्म पत्नी श्री कौशल्या देवी जी उपस्थित रहीं जिनका महाराजश्री ने मंच से स्वागत किया.
श्रीमती कौशल्या देवी जी ने कथा मंच से अपने उदबोधन में छत्तीसगढ़ की पावन धरा में धर्म के प्रचार के लिये पूज्य संत श्री चिन्मयानंद जी महाराजश्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि आप संत-महात्माओं ने छत्तीसगढ़ में बहुत ही अच्छा धार्मिक माहौल बनाया हुआ है. उन्होंने आयोजक परिवार, आयोजन समिति को भी इस भव्य आयोजन के लिए सराहा. वे छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, राधे-राधे का घोष भी कीं. श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मंचन के भदन पर वे बाल कृष्ण के साथ झूमती हुई काफी आनन्दित भी हुईं.
-आज पूरे पंडाल को गुब्बारों से सजाया गया था.
-कथा स्थल पर द्रोण से माननीय मुख्यमंत्री जी धर्मपत्नी एवं श्रद्धालुगणों पर गुलाब की पंखुड़ियों से पुष्पवर्षा की गई.
-हरे कृष्णा-हरे गोविंदा…!
-सागर से उठा बादल बनकर, बादल से उठा वर्षा बनकर
-श्री राम जय राम, जय-जय राम !!
-भये प्रगट कृपाला, दीन दयाला…!!
आदि संगीतमयी भजनों में श्रद्धालुगण झूमते-नाचते रहे. यजमानगण जितेन्द्र अग्रवाल सारिका अग्रवाल, अमित अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, ओमप्रकाश मिश्रा, मयंक वैद्य, चन्द्रचूड़ त्रिपाठी, रोहित मिश्रा,आशीष तिवारी, नितिन कुमार झा आदि आरती एवं व्यवस्था में शामिल रहे. कथा के पश्चात लगभग 14 हजार श्रद्धालुओं ने भोजन प्रसादी प्राप्त किये. कल संध्या 4 बजे से पंचम दिवस की कथा आरंभ होगी एवं प्रात: नि:शुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया है.
नितिन कुमार झा
मीडिया प्रभारी
श्रीमद् भागवत कथा आयोजन समिति
मो. 7999594065
