रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में स्मार्ट मीटर को बदलने कांग्रेस का अभियान जारी है। आज कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर को ‘‘महतारी वंदन वसूली योजना’’ का नाम दिया। इस दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा है कि हर इंसान का एक मासिक बजट होता है। 10 हजार-15 हजार महीना कमाने वाले व्यक्ति इस पैसे से घर का राशन भरते हैं, मकान का किराया देते हैं, बच्चों की स्कूली फीस पटाते हैं, अपनी गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल डलाते हैं। ऐसी स्थिति में अगर 1000-1500 आने वाला बिजली बिल अगर 5 से 7 गुना बढ़कर आ रहा है तो पूरे परिवार का बजट उथल-पुथल हो जाता है और जो परिवार चलाने वाला पालक है उसे बाजार से कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे व्यक्तियों को मानसिक परेशानी से जुझना पड़ रहा है।
विकास उपाध्याय ने कहा, महतारी वंदन योजना के नाम पर महिला बहनों को 1000 रुपये देकर उसकी वसूली बिजली बिल के माध्यम से कई गुना बीजेपी सरकार कर रही है। आज कांग्रेसजन एवं आमजनों ने मिलकर ‘‘महतारी वंदन योजना के नाम से स्मार्ट मीटर’’ का नामकरण किया और यह निरंतर जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी दीपक बैज के नेतृत्व में पहले से ही महंगी बिजली दर को लेकर संपूर्ण छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर को बदलने के लिए आवाज उठाई जा रही है। लोगों की सहमति से स्मार्ट मीटर निकालने के लिये फाॅर्म भी भरवाये जा रहे हैं।
प्रदेश की जनता को दोहरी मार दे रही भाजपा
उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरप्लस बिजली होने के बाद भी छत्तीसगढ़ की जनता को महंगी बिजली बिल का झटका दिया जा रहा है। स्मार्ट मीटर के नाम पर सीधे जनता को लूटा जा रहा है और अडानी को लाभ पहुंचाते हुए बीजेपी अपना कमिशन निकाल रही है। उन्होंने कहा कि बिजली बिल को महंगी करके जनता से जो पैसे वसूलने का काम बीजेपी सरकार कर रही है उन पैसों का उपयोग भारत देश के अन्य प्रदेशों में सांसद विधायकों को खरीदने में लगा रही है। विपक्षी पार्टीयों को तोड़ने में इस्तेमाल कर रही है और भाजपा अपने बड़े-बड़े कार्यालय खोलने एवं उनके साज-सज्जा में लगा रही है। एक तरफ जहां पूरे देश में महंगाई चरम सीमा पर है वहीं बिजली की दर को बढ़ाकर भाजपा दोहरा मार प्रदेश की जनता को दे रही है।
स्मार्ट मीटर के कारण आ रही ज्यादा समस्या
विकास उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में लगाये गये स्मार्ट मीटर के कारण काफी ज्यादा समस्या आ रही है। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ता पहले से ही बिजली की महंगी दर, स्मार्ट मीटर के कारण अनाप शनाप बिजली बिल, लो वोल्टेज, अघोषित बिजली कटौती से हलाकान है। पहले बिजली बिल हाफ योजना के तहत 400 यूनिट तक मिलने वाली छूट को खत्म किया गया और अब इस महंगाई में उपभोक्ता कई गुना ज्यादा बिजली बिल का भुगतान कहां से करेगी।
कांग्रेस सरकार में मिल रहा था हाॅफ बिल योजना का लाभ
उपाध्याय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सरप्लस बिजली का राज्य था, इस राज्य में आज निवासरत् जनता को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है, जबकि पिछली कांग्रेस की सरकार में बिजली बिल हाॅफ योजना के माध्यम से कांग्रेस शासन के पाँच वर्षों में प्रत्येक घरों में लाखों रुपये की बचत हुई है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई छत्तीसगढ़ के भोले-भाले जनता की है इसलिये छत्तीसगढ़ की जनता से आव्हान है कि बढ़ती बिजली बिल की लड़ाई में कांग्रेस का साथ दें और स्मार्ट मीटर को उखाड़ फेंकने में सहयोग करें।
आज के विरोध प्रदर्शन में विकास उपाध्याय के साथ प्रमोद चौबे, प्रकाश जगत, अशोक ठाकुर,मनोज पटनायक, दिनेश मिश्रा, रवि विभार, दिलीप नाग, रिजवान मोहम्मद, आजाद वर्मा, विद्या बाग, मीत गोपाल, नवीन मोगराज, चंदन बारीक, रेहान, पिंकी नायक, पीयूष इंगले, ईशान, दिव्यांश शर्मा, देवेंद्र साहू, संतोषी नाग, शंकर सोना, दीपक कठोड़ , दीप मोगराज आदि उपस्थित रहे।
