

दुर्ग-भिलाई: भिलाई स्टील प्लांट (BSP) लोहा चोरी मामले में मुख्य आरोपी संजय सिंह के बेटे अभय सिंह को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की कोर्ट ने अभय को जमानत देने का आदेश जारी किया है। वह इस मामले में फरार चल रहा था।
पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। अभय सिंह का नाम मामले की मूल FIR में नहीं था। उसके खिलाफ पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं मिला। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने उसे जमानत दे दी।
अभय सिंह इस मामले में जमानत पाने वाला तीसरा आरोपी है। इससे पहले व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल को 4 अगस्त को अग्रिम जमानत और पूर्व बीएसपी जीएम हिमांशु भूषण मलिक को 10 अगस्त को नियमित जमानत मिल चुकी है।
अभय के वकील ने कोर्ट में इन दोनों मामलों के आदेशों का हवाला देते हुए कहा कि समान आरोपों वाले अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, इसलिए अभय को भी राहत दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अभय सिंह को निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पेश करने पर रिहा करने का आदेश दिया। कोर्ट ने उस पर कुछ शर्तें भी लगाई हैं। अभय को जांच और ट्रायल में सहयोग करना होगा। वह किसी गवाह को प्रभावित नहीं कर सकेगा और हर सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहना होगा।
पुलिस के मुताबिक, बीएसपी के ब्लास्ट फर्नेस विभाग से आयरन स्क्रैप और डस्ट की आड़ में लोहा बाहर निकालने के मामले में संजय सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने उसके बेटे अभय सिंह पर भी मामले में शामिल होने का आरोप लगाया है।
जांच आगे बढ़ने के बाद अभय को आरोपी बनाया गया था। केस दर्ज होने के बाद से वह फरार था। पुलिस ने संजय सिंह और अभय सिंह की गिरफ्तारी पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। दोनों को भगोड़ा भी घोषित किया गया था। बाद में पुलिस ने संजय सिंह को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
मामले में गुरुवार को मुख्य आरोपी संजय सिंह और पूर्व भाजपा नेता भास्कर मुदलियार को दुर्ग जेल से बेमेतरा जेल शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि, दोनों को अचानक दूसरी जेल भेजने की वजह अभी स्पष्ट नहीं है।
जमानत मिलने के बाद व्यवसायी हिमांशु खंडेलवाल गुरुवार को जमानत से जुड़े दस्तावेज लेकर भिलाई थाने पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस की जरूरी कार्रवाई पूरी नहीं होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा। अब दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी रिहाई की आगे की कार्रवाई की जाएगी।
