रायपुर, पिछले दिनों लगातार तीन-चार दिन बारिश के कारण सबरी नदी में ज्यादा पानी आने से किनारे के गांव डूबे थे और कोंटा नगर पालिका के चार वार्ड, उसमें भी पानी आ गया था। लेकिन सुकमा जिला प्रशासन ने मुस्तैदी से सब काम किया, राहत शिविर लगाए और करीब 3,000 लोग प्रभावित थे। 19 राहत केंद्र लगाकर, जिनके घर डूब गए थे, उनको वहाँ पर ठहराया गया। उनके भोजन, पानी, सबकी व्यवस्था की गई थी।
आज हम यहाँ सुकमा जिले मे क्षतिग्रस्त मकानों को भी देखे हैं, लोगों से भी मिले हैं, बातचीत किए हैं। राहत कैंप का भी निरीक्षण किए हैं और सरकार की तरफ से जो भी मदद मिली है, उससे जनता प्रसन्न है। अधिकारियों की बैठक लिए हैं और उनको निर्देशित किए हैं कि जो भी बाढ़ के पानी के जो भी क्षति हुई है, उन सबका आंकलन करें और आरबीसी 6- 4(RBC 6-4) के तहत उनको मुआवजा शीघ्र प्रदान करें और जिनके घर में सामान वगैरह डैमेज हुए हैं, ऐसे करीब 300 परिवार हैं, तो उनको मुख्यमंत्री राहत कोष से ही 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त देने के लिए हमने कहा है।
