कांकेर जिले के ग्राम टंहकापार में गरीबों को मिलने वाले राशन की कालाबाजारी करने का मामला सामने आया है। उचित मूल्य की राशन दुकान चलाने वाले सेल्समैन लक्ष्मी नारायण पटेल ने किया इलेक्ट्रॉनिक कांटा में छेड़खानी ,ग्रामीणों ने लगाया आरोप , प्रत्येक तौल में 2 किलो कम मिलने से ग्रामीणों में काफी नाराजगी ,मामला का खुलासा जब हुआ कि ग्रामीणों को कम होने का आभास होने लगा तो, पास के किराना दुकान में ले जाकर तौलाने पर सच्चाई सामने आई ,और बोरी पर रखे चावल 2 किलो कम पाया गया, कम चावल देने की खबर गांव में आग की तरह फैलने लगी सभी ग्रामीण अपने-अपने राशन दुकान से लाई हुई चावल को तोलने लगे सभी में कम मिलने पर सरपंच , उपसरपंच ग्राम के कोटवार ,पटेल सभी ने तोलकर देखे तो सारा माजरा समझ आने लगा , पूर्व भी गड़बड़ी की शिकायत हुआ था, नवयुवको द्वारा समझाएं किया गया था, पर सेल्समैन बाज नहीं आया वह गरीबों की पेट मारने में लगे हुए है, छत्तीसगढ़ सरकार खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा गरीबों को राशन वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न उपलब्ध करा रही है ,वही शासन के नियमों का धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है ,
गांव के भोले भाले ग्रामीणों को अभी तक किसी प्रकार की बील नहीं दिया जा रहा है ,ग्राम के ग्रामीणों से अधिक राशि ली, जा रही है ,नहीं खरीदने वाले उपभोक्ता को भी मसाला पकड़ाई जाती है , समय पर नहीं किया जाता साथ सफाई इलेक्ट्रिक काटा में की गई गड़बड़ी,, गांव के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से बारीकी से जांच कराने की मांग की है, सोचने वाली बात यह है की विगत 3 वर्षों से उचित मूल्य की दुकान टहकापर में संचालित है, जिसको ग्राम आरोद में अटैच किया गया है ,आज भी ग्राम टहकापार के ग्राम पंचायत व स्व सहायता समूह की महिलाएं भी उचित मूल्य दुकान चलाने में सक्षम है, आज तक टहकापार की दुकान को स्वतंत्र चलाने की व्यवस्था नहीं की गई, ग्राम के ग्रामीणों व जनप्रतिनिधि को गुमराह कर रखा गया है, शासन की आदेश के अनुसार एक दुकानदार को चलाने के लिए एक ही उचित मूल्य की राशन दुकान चलाने का आदेश है, किंतु उक्त व्यक्ति लक्ष्मी नारायण पटेल को औरोद, टहकापार, चिनौरी के उचित मूल्य राशन दुकान को संचालन करने के लिए कार्य सौंपा गया है ,यहां घोर लापरवाही को प्रदर्शित करता है, जिससे विभागिय आधिकारी का भी सनलिप्त होने की आशंका जाहिर होता है, गंभीरता से इसकी जांच कराई जाए तो दूध का दूध और पानी के पानी सच्चाई सामने आएगी
गांव के ग्रामीण व जनप्रतिनिधियों ने मुझे बताया कि चावल कम और ज्यादा हो रही है, इलेक्ट्रॉनिक कांटा के चलते कम ज्यादा हो रहा है ,हमें जो कांटा मिला है, उसी से हम तोल कर रहे हैं, कांकेर से लाला साहू आने के बाद ही वही बता सकते हैं ,कैसा हो रहा है,
लाला साहू की जुबानी,कांकेर जिले के सभी उचित मूल्य की दुकानों में इलेक्ट्रॉनिक कांटा से तौल किया जा रहा है कांटे में किसी प्रकार की टूटी होती है तो उसे सुधार किया जाता है ,या उसे बदल कर दूसरे इलेक्ट्रॉनिक कांटा का व्यवस्था किया जाता है, अपने जवाबदारी से भाग रहे हैं, कर्मचारी ए कैसी जनता की सेवक,आम जनताओ को लूटने में लगे हुए है,दुकान संचालक हो गए मालामाल,उचित मूल्य की राशन दुकान संचालक है जो, सरकार को बदनाम करने में लगे हुए हैं, सख्त से सख्त जांच होनी चाहिए और आम जनताओ को शासन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक मिलना चाहिए
