भामिनी पोखन की मेहनत लाई रंग लेकिन वर्तमान सरपंच क़ो जिला स्तरीय राजस्व टीम का पंचनामा स्वीकार नही l
जमीन दलाली मे करोड़ो की हेराफेरी का लगाया आरोप, सूक्ष्म जाँच की मांग की गई ll
ग्राम पंचायत बेलसोंडा की पूर्व सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर ने आखिर वर्तमान सरपंच प्रीति धीवर क़ो झुका ही दिया लेकिन वर्तमान सरपंच पंचनामा रिपोर्ट मानने को तैयार नही l चार महीना पहले वर्तमान सरपंच प्रीति धीवर ने पूर्व सरपंच की पुश्तैनी जमीन क़ो दुश्मनीवश शासकीय बताकर तोड़वा दिया था जिसके विरोध मे वर्तमान सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर ने इस पूरे मामले क़ो कलेक्टर महोदय के संज्ञान मे देकर शासकीय भूमि खसरा नंबर 398 वर्तमान मे खसरा नंबर 1661, 1651तथा 2466 रकबा क्रमशः 0.06, 0.33 तथा 0.59 का बंदोबश्त त्रुटि सुधार तथा पुराने अभिलेख के अनुसार सीमांकन के लिए आवेदन दिया था तथा दिनांक 25/6/26 के बंदोबश्त त्रुटि सुधार तथा मौका जाँच मे जिला स्तरीय राजस्व टीम ने हल्का पटवारी राजकुमार पवार तथा राजस्व निरीक्षक मनीष श्रीवास्तव की उपस्थिति मे मौका जाँच करके पंचनामा तैयार किया जिसके अनुसार वास्तव मे शासकीय भूमि 398 (1661.1651.2466) क़ो पूर्व सरपंच की लगानी भूमि से अलग बताकर त्रुटिपूर्ण बताया l इस सम्बन्ध मे पूर्व सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर ने बताया कि शासकीय भूमि 398 को वर्तमान सरपंच द्वारा गाँव के रसूकदार सुरेश उर्फ शंकर लाल चंद्राकर क़ो बेचकर करोड़ो रूपये का सौदा किया गया है जिसमे उपसरपंच कुणाल चंद्राकर, पंच सूर्या चंद्राकर तथा सचिव नेहा उपाध्याय भी शामिल है वास्तव मे शंकर लाल चंद्राकर द्वारा कब्जा किया गया जमीन शासकीय भूमि है जो कि खसरा नंबर 398 का ही (रीनंबरिंग) टुकड़ा है तथा अपनी चोरी छिपाने के लिए उक्त चारो ने उस शासकीय भूमि के कुछ हिस्से क़ो मेरी पैतृक संपत्ति मे ओवरलेप दिखाकर कूट रचना किया लेकिन पुराने अभिलेख से मिलान के बाद उक्त चारो के षड़यंत्र का भंडाफोड़ हो गया l पूर्व सरपंच ने बताया कि ठीक इसी प्रकार इन चारो ने मिलकर गाँव मे भगवती राइस मिल के संचालक क़ो शासकीय जमीन बेचकर करोड़ो रूपये का वारा न्यारा किया है l पूर्व सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर ने शासन प्रशासन से विनती की है कि इन दोनो मामले की गहन जाँच की जाये l इस सम्बन्ध मे उक्त चारो के खिलाफ चार सौ बीसी का प्रकरण दर्ज करवाने काफ़ी संख्या मे ग्रामीण लोग पूर्व सरपंच के साथ थाने गए थे लेकिन थानेदार ने इसे राजस्व मामला बताकर प्राथमिकी दर्ज नही किया जिससे ग्रामीणों मे रोष है I
